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दो पुस्तकों के विमोचन का कार्यक्रम

लेखिका -डॉ. रेखा मंडलोई “गंगा” 1. निमाड़ के रंग लोककथाओं के संग 2. काव्य गंगा आज जीवन का एक और सपना साकार हुआ, मेरी दो पुस्तकों के विमोचन का कार्यक्रम अति विशिष्ट अतिथियों के सानिध्य में सम्पन्न हुआ।आज जो अतिथिगण मंच की शोभा बढ़ा रहे थे, उनमें सर्व श्री कृष्ण कुमार अष्ठाना जी प्रधान संपादकContinue reading “दो पुस्तकों के विमोचन का कार्यक्रम”

नारी शक्ति

नवरात्रि विशेषनारी शक्ति के विविध स्वरूप पा बन गई तू महान,तेरी शक्ति का क्यों और कैसे किया जाए यूं बखान।वात्सल्य, ममता त्याग का धर रूप लगती मनभावन,धन – लक्ष्मी स्वरूपा बन करती है घर का संचालन। अन्नपूर्णा की प्रतिमूर्ति बन बनती नीत नए पकवान,गृह लक्ष्मी का रूप धर बढ़ाती सबका का अभिमान।मां सरस्वती का आशीर्वादContinue reading “नारी शक्ति”

“शास्त्री जयन्ती”

सादा जीवन उच्च विचार वाले शास्त्रीजी को था सादगी से प्यार,दूसरे प्रधानमंत्री बन भारत को जिसने सिखलाया सदाचार।गांधीवादी विचारधारा संग जो सदा अपनाते रहे शिष्टाचार,निष्ठावान व्यक्तित्व और सच्चाई का करते थे सबसे व्यवहार। किसानों के बन अन्नदाता किया उन सबका सदा उद्धार,उनके जय जवान, जय किसान के नारे से था भारतीयों को प्यार।कश्मीर घाटी कोContinue reading ““शास्त्री जयन्ती””

‘हिन्दी दिवस’

हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई के साथ एक स्वरचित कविता प्रेषित है:- हिन्दी बन जन मानस की अति प्रिय भाषा।तार दिलों के जोड़ने की जगाती आशा।सभ्यता- संस्कृति की जो बताती परिभाषा।निराली लिपि भी इसकी बनाती सरल भाषा। जैसे बोले वैसे ही लिखती जाए यह भाषा।प्राचीन भाषा पाली का विकसित रूप ये भाषा।महाकवि केशव,भूषण,Continue reading “‘हिन्दी दिवस’”

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