“सफर 12माह का”

जनवरी का माह देता जन्नत सी अपार खुशियां,फरवरी वासंती रंग खिला प्रियतम की याद दिलाता।मार्च रंग गुलाल संग खुशियों की सौगात ले आता,अप्रैल लोगों को मूर्ख बना सबका जी बहलाता। मई की तपिश से सबका मन घबरा सा जाता,जून में गर्मी से राहत पा दिल चैन की बंशी बजाता।जुलाई वर्षा की फुवार संग दिलों मेंContinue reading ““सफर 12माह का””

सपना

रानी का मन आज किसी काम में नहीं लग रहा था। सोच रही थी कि कब उसकी नानी आएंगी और कब वह उसके साथ खेलेंगी। विगत दिनों नानी के साथ बिताए पल उसे याद आ रहे थे और वह रोमांचित हो रही थी। नानी के विषय में सोचते सोचते उसे कब नींद लग गई पताContinue reading “सपना”

बात पते की

लघुकथा आज घर में बहुत काम है, दोपहर तक मेहमान आने वाले हैं, सारी तैयारी अभी बची हैं, काम के लिए रानी भी अभी तक नहीं आई है…. ऐसे ही अनेक प्रश्नों के आने जाने का सिलसिला रोहिणी के दिमाग में चल रहा था। उसे देखकर हर कोई ये बात समझ सकता था कि उसेContinue reading “बात पते की”

दो पुस्तकों के विमोचन का कार्यक्रम

लेखिका -डॉ. रेखा मंडलोई “गंगा” 1. निमाड़ के रंग लोककथाओं के संग 2. काव्य गंगा आज जीवन का एक और सपना साकार हुआ, मेरी दो पुस्तकों के विमोचन का कार्यक्रम अति विशिष्ट अतिथियों के सानिध्य में सम्पन्न हुआ।आज जो अतिथिगण मंच की शोभा बढ़ा रहे थे, उनमें सर्व श्री कृष्ण कुमार अष्ठाना जी प्रधान संपादकContinue reading “दो पुस्तकों के विमोचन का कार्यक्रम”

नारी शक्ति

नवरात्रि विशेषनारी शक्ति के विविध स्वरूप पा बन गई तू महान,तेरी शक्ति का क्यों और कैसे किया जाए यूं बखान।वात्सल्य, ममता त्याग का धर रूप लगती मनभावन,धन – लक्ष्मी स्वरूपा बन करती है घर का संचालन। अन्नपूर्णा की प्रतिमूर्ति बन बनती नीत नए पकवान,गृह लक्ष्मी का रूप धर बढ़ाती सबका का अभिमान।मां सरस्वती का आशीर्वादContinue reading “नारी शक्ति”

“शास्त्री जयन्ती”

सादा जीवन उच्च विचार वाले शास्त्रीजी को था सादगी से प्यार,दूसरे प्रधानमंत्री बन भारत को जिसने सिखलाया सदाचार।गांधीवादी विचारधारा संग जो सदा अपनाते रहे शिष्टाचार,निष्ठावान व्यक्तित्व और सच्चाई का करते थे सबसे व्यवहार। किसानों के बन अन्नदाता किया उन सबका सदा उद्धार,उनके जय जवान, जय किसान के नारे से था भारतीयों को प्यार।कश्मीर घाटी कोContinue reading ““शास्त्री जयन्ती””

‘हिन्दी दिवस’

हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई के साथ एक स्वरचित कविता प्रेषित है:- हिन्दी बन जन मानस की अति प्रिय भाषा।तार दिलों के जोड़ने की जगाती आशा।सभ्यता- संस्कृति की जो बताती परिभाषा।निराली लिपि भी इसकी बनाती सरल भाषा। जैसे बोले वैसे ही लिखती जाए यह भाषा।प्राचीन भाषा पाली का विकसित रूप ये भाषा।महाकवि केशव,भूषण,Continue reading “‘हिन्दी दिवस’”

‘वीर सपूत’

स्वतन्त्रता दिवसकेअमृतमहोत्सवपरसभी कोहार्दिक बधाई एक स्वरचित कविता प्रेषित है :- दमनकारी नीतियों और अत्याचारों का फैला था ताण्डव जब चारों ओर,वीर कुँवर सिंह, मंगल पाण्डे और बिस्मिल जैसे देश भक्तों ने तभी दिखाया अपना जोश। रंगभेद और जातिवाद की आग लगा जब अंग्रेजों ने फैलाया अपना मायाजाल,अनाम उत्सर्ग देशभक्त सपूतों ने एकता और अखंडता काContinue reading “‘वीर सपूत’”

मित्रता

अजनबियों से कैसा ये अनजाना रिश्ता मैंने बनाया। हर मुश्किल में मेरा साथ निभा उन्होंने ही मेरा हौंसला बढ़ाया। खून के रिश्ते भी मुसीबत के समय कर लेते हैं किनारा।लेकिन अजनबियों से अजीज बने दोस्तों ने जीवन में साथ निभाया। ऐसे मधुर रिश्ते का आभार जताने का शुभ दिन आज आया।खुशनसीब हूं मैं असीम- निश्छलContinue reading “मित्रता”

गुरुगान

गुरू देता सत्य का ज्ञान जिससे संकट दूर हो जाता है सारा।सूर्य सा तेजस्वी स्वरुप ले गुरु ने सबका जीवन संवारा। अज्ञानता के घोर तम से गुरू की अलौकिक शक्ति ने उबारा।आशीर्वाद हो गुरु का तो हर मुश्किल से मिल जाता है किनारा। नव प्रकाश,नव चेतना भर सम्पूर्ण संसार को गुरु ने तारा।सदसंस्कार से करContinue reading “गुरुगान”