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मेरी रचनायें

मेरा आशिक

कोरोना जैसी बीमारी को नजदीक से देख एक विचार मेरे भीतर उठ आया है,ये कोरोना नहीं शायद मेरा कोई आशिक है जो मुझसे मिलने का मन बना कर आया है।अपना पूरा नियंत्रण मुझ पर करके देखो तो कितना इठला रहा है,मुझे अपने साथ एक कमरे में कैद करके कैसे जीत की खुशियां मना रहा है…

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जन्मदिवस

आभार उस परमपिता परमेश्वर का जिसने दिया हमें अनुपम उपहार।जिसको पाकर धन्य हुआ जीवन और मिला असीम खुशियों का भण्डार।जिसने जन्म लेकर बसा दिया हमारे परिवार के लिए उल्लसित नव संसार।दिल हो गया बाग – बाग और भर गया सुख शान्ति का असीम भण्डार। बेटे के चेहरे पर फैली मुस्कान ही तो है हमारे सपनों…

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‘मां की महिमा’

मातृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई के साथ अपनी मां के प्रति अपार स्नेह के साथ स्वरचित कविता प्रेषित है:- मां करुणा का सागर अपने में कर समाहित,हम पर सदा वात्सल्य का अमृत रस बरसाती है ।मां सुखों का कर त्याग, बच्चों के लिए रात-रात भर जाग,बच्चों को मधुर लोरी संग प्यार भरी थपकियां…

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मंगल बधाइयाँ

खूबसूरत ख्वाब बन हमारे जीवन को,महकाने वाली मेरी बिटिया रानी प्यारी ।यह है ईश्वर का असीम वरदान जो मिली,हमें ऐसी प्यारी परियों सी राजदुलारी। सूरज की किरणों सा तेज अपने में किया ,समाहित जिस पर जाऊँ मैं बलिहारी।चांदनी जैसी शीतलता सा अहसास,दिलाकर बन गई तू सबकी प्यारी । धन्य कर दिया जीवन हम सबका ,ईश्वर…

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भारतीय नारी

‘ नारी शक्ति को दो सदा सम्मान,बढ़ाओ निरन्तर उसका मान।’अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई। के साथ महिलाओं के सम्मान में एक स्वरचित कविता प्रेषित है।‘ भारतीय नारी’चाहे आंधी आए या तूफान,नहीं कभी किसी से हारी हूं।नाज है मुझे अपने आप पर,कि मैं एक भारतीय नारी हूं।बंधन,आदेश, बंदिशों को सह,फिर भी पूरी तरह…

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बाबा की महिमा

शिव के गले में भुजंग है जैसे फूलों का हार।ओढ़े मृगछाल, नंदी-श्रृंगी संग सजाए दरबार।अविनाशी, त्रिगुणी-शिव की महिमा है अपार।देवों के देव महाकाल की करे जय जयकार। विश्व युद्ध जैसा ताण्डव आज झेल रहा संसार।विषमता रूपी विष पीकर बरसाओ अमृत के भण्डार।त्रिलोकीनाथ दिखाओ राह करो जग का उद्धार।ढाल बनकर बचाओ विश्व को करो बेड़ा पार।…

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शैक्षणिक वातावरण के निर्माण में आवश्यक तत्व

डॉ. रेखा मंडलोई ‘गंगा’ इंदौर ‘अपनी शाला में करे हम नित नए नए आयोजन, जिन्हें देख आनंदित हो बच्चे सफल हो प्रयोजन। ‘ शैक्षणिक वातावरण निर्माण में आवश्यक तत्वों पर चर्चा के पूर्व शिक्षण क्या है, यह समझना आवश्यक है। शिक्षण शिक्षक और विद्यार्थियों के मध्य चलने वाली पारस्परिक क्रिया (इंटरेक्शन ) हैं। श्रेष्ठ शिक्षण…

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सालगिरह की शुभकामनाएं

  एक दूसरे को समझे, जाने जीवन भर सुख पाए। जिमित संग प्रतीक्षा की झोली खुशियों से भर जाए। आई शाम सुहानी हो मस्तानी गीत खुशी के गाए। ये मंद मंद मुस्कान बिखेरे चांदनी रात जो आए। फिर तारों की बारात सजा सब मिलकर मंगल गाए। सालगिरह के शुभ अवसर पर आओ हम खुशी मनाए। प्रेम,…

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कठोर फैसला

रामी आज बहुत खुश है, उसके घर बरसों बाद एक किलकारी गूंजी है। रामी की शादी को लगभग दस साल गुजर चुके थे। उसने दुनिया भर के इलाज,जादू, टोना सब कुछ कर लिया था। वह अपनी सास और समाज के लोगों के ताने सुन सुन कर परेशान हो चुकी थी। अंत में उसने यह मान…

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‘ऋतुराज वसंत’

खुशियां साथ ले ऋतुराज वसंतआया,पतझड़ की वेदना को जैसे भूल आया।सरसों, राई संग टेसू की बहार लाया,धरा पर नवयौवन – सा खुमार छाया। आम्र मौर पर कोयल ने शोर मचाया,खेत- खलियान को मुस्कान दे आया।कृषकों के जीवन में खुशहाली लाया,बसंती बयार ले ऋतुराज वसंत आया। अंग- अंग में उमंग की हिलोर लाया,गुलशन का कोना- कोना…

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