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मेरी रचनायें

अमर शहीद

अमर शहीद बन दूर गगन में,चमक उठा जो ध्रुव तारा।नेताजी का नाम पाकर,सुभाष बन गया सबका प्यारा। आजाद हिन्द फौज बना,भारत को जिसने संवारा।खून के बदले आजादी का,जिसने दे डाला एक नारा। भारत, बर्मा, सिंगापुर में,युवाओं को जिसने पुकारा।मेरे देश के वीर सपूतों जागो,आजाद कराओ देश हमारा। मातृभूमि के बंधन को देख,जिसका जी भर –…

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खुशियों का पर्व

सूरज बन मतवाला मकर राशि में चला आया,उत्तरायण पर्व की खुशियां अपनी झोली में भर लाया।गुड़ तिल की महक संग जीवन में मिठास देने आया,नीलगगन में रंगीन पतंगों के विहंगम दृश्य ने दिल लुभाया। दान धर्म संग पूजा पाठ का महत्व सभी को बतलाने आया,नेपाल में फसल कटाई का उत्सव सबने खुशी संग मनाया।हरियाणा,पंजाब में…

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युवाओं से आह्वान

उठो जागो मेरे देश के युवाओं देश ने पुकारा है तुम्हें,भौतिक सुखों का कर त्याग देशहित में जुट जाना है तुम्हें।इस देश को स्वर्ग बनाने की तुम्हारी शक्ति को जगाना है तुम्हें,विवेकानंद जी की कर्मभूमि है अब कर्मठता दिखाना हैं तुम्हें। लोभ, लालच और भ्रष्टाचार देश से उखाड़ फेंकना हैं तुम्हें,देश पर मरने -जीने का…

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भारत माँ का लाल

भारत के ऐसे लाल जो थे पूर्व में गुजरात प्रदेश के मुख्यमंत्री,बदल दी जिन्होंने काया अपने रहते सम्पूर्ण गुजरात की। दो-दो बार पाकर सम्मान बने भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री,71 के होकर सीने में लिए हुए हैं जज्बात 21की उम्र के ही। भारत को जग सिरमौर बनाने के विचार को संजो कर मन में,राम मंदिर के…

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“सफर 12माह का”

जनवरी का माह देता जन्नत सी अपार खुशियां,फरवरी वासंती रंग खिला प्रियतम की याद दिलाता।मार्च रंग गुलाल संग खुशियों की सौगात ले आता,अप्रैल लोगों को मूर्ख बना सबका जी बहलाता। मई की तपिश से सबका मन घबरा सा जाता,जून में गर्मी से राहत पा दिल चैन की बंशी बजाता।जुलाई वर्षा की फुवार संग दिलों में…

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सपना

रानी का मन आज किसी काम में नहीं लग रहा था। सोच रही थी कि कब उसकी नानी आएंगी और कब वह उसके साथ खेलेंगी। विगत दिनों नानी के साथ बिताए पल उसे याद आ रहे थे और वह रोमांचित हो रही थी। नानी के विषय में सोचते सोचते उसे कब नींद लग गई पता…

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बात पते की

लघुकथा आज घर में बहुत काम है, दोपहर तक मेहमान आने वाले हैं, सारी तैयारी अभी बची हैं, काम के लिए रानी भी अभी तक नहीं आई है…. ऐसे ही अनेक प्रश्नों के आने जाने का सिलसिला रोहिणी के दिमाग में चल रहा था। उसे देखकर हर कोई ये बात समझ सकता था कि उसे…

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दो पुस्तकों के विमोचन का कार्यक्रम

लेखिका -डॉ. रेखा मंडलोई “गंगा” 1. निमाड़ के रंग लोककथाओं के संग 2. काव्य गंगा आज जीवन का एक और सपना साकार हुआ, मेरी दो पुस्तकों के विमोचन का कार्यक्रम अति विशिष्ट अतिथियों के सानिध्य में सम्पन्न हुआ।आज जो अतिथिगण मंच की शोभा बढ़ा रहे थे, उनमें सर्व श्री कृष्ण कुमार अष्ठाना जी प्रधान संपादक…

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नारी शक्ति

नवरात्रि विशेषनारी शक्ति के विविध स्वरूप पा बन गई तू महान,तेरी शक्ति का क्यों और कैसे किया जाए यूं बखान।वात्सल्य, ममता त्याग का धर रूप लगती मनभावन,धन – लक्ष्मी स्वरूपा बन करती है घर का संचालन। अन्नपूर्णा की प्रतिमूर्ति बन बनती नीत नए पकवान,गृह लक्ष्मी का रूप धर बढ़ाती सबका का अभिमान।मां सरस्वती का आशीर्वाद…

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“शास्त्री जयन्ती”

सादा जीवन उच्च विचार वाले शास्त्रीजी को था सादगी से प्यार,दूसरे प्रधानमंत्री बन भारत को जिसने सिखलाया सदाचार।गांधीवादी विचारधारा संग जो सदा अपनाते रहे शिष्टाचार,निष्ठावान व्यक्तित्व और सच्चाई का करते थे सबसे व्यवहार। किसानों के बन अन्नदाता किया उन सबका सदा उद्धार,उनके जय जवान, जय किसान के नारे से था भारतीयों को प्यार।कश्मीर घाटी को…

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