Blog

मेरी रचनायें

नारी शक्ति

नवरात्रि विशेषनारी शक्ति के विविध स्वरूप पा बन गई तू महान,तेरी शक्ति का क्यों और कैसे किया जाए यूं बखान।वात्सल्य, ममता त्याग का धर रूप लगती मनभावन,धन – लक्ष्मी स्वरूपा बन करती है घर का संचालन। अन्नपूर्णा की प्रतिमूर्ति बन बनती नीत नए पकवान,गृह लक्ष्मी का रूप धर बढ़ाती सबका का अभिमान।मां सरस्वती का आशीर्वाद…

आगे पढ़ें

“शास्त्री जयन्ती”

सादा जीवन उच्च विचार वाले शास्त्रीजी को था सादगी से प्यार,दूसरे प्रधानमंत्री बन भारत को जिसने सिखलाया सदाचार।गांधीवादी विचारधारा संग जो सदा अपनाते रहे शिष्टाचार,निष्ठावान व्यक्तित्व और सच्चाई का करते थे सबसे व्यवहार। किसानों के बन अन्नदाता किया उन सबका सदा उद्धार,उनके जय जवान, जय किसान के नारे से था भारतीयों को प्यार।कश्मीर घाटी को…

आगे पढ़ें

‘हिन्दी दिवस’

हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई के साथ एक स्वरचित कविता प्रेषित है:- हिन्दी बन जन मानस की अति प्रिय भाषा।तार दिलों के जोड़ने की जगाती आशा।सभ्यता- संस्कृति की जो बताती परिभाषा।निराली लिपि भी इसकी बनाती सरल भाषा। जैसे बोले वैसे ही लिखती जाए यह भाषा।प्राचीन भाषा पाली का विकसित रूप ये भाषा।महाकवि केशव,भूषण,…

आगे पढ़ें

‘वीर सपूत’

स्वतन्त्रता दिवसकेअमृतमहोत्सवपरसभी कोहार्दिक बधाई एक स्वरचित कविता प्रेषित है :- दमनकारी नीतियों और अत्याचारों का फैला था ताण्डव जब चारों ओर,वीर कुँवर सिंह, मंगल पाण्डे और बिस्मिल जैसे देश भक्तों ने तभी दिखाया अपना जोश। रंगभेद और जातिवाद की आग लगा जब अंग्रेजों ने फैलाया अपना मायाजाल,अनाम उत्सर्ग देशभक्त सपूतों ने एकता और अखंडता का…

आगे पढ़ें

मित्रता

अजनबियों से कैसा ये अनजाना रिश्ता मैंने बनाया। हर मुश्किल में मेरा साथ निभा उन्होंने ही मेरा हौंसला बढ़ाया। खून के रिश्ते भी मुसीबत के समय कर लेते हैं किनारा।लेकिन अजनबियों से अजीज बने दोस्तों ने जीवन में साथ निभाया। ऐसे मधुर रिश्ते का आभार जताने का शुभ दिन आज आया।खुशनसीब हूं मैं असीम- निश्छल…

आगे पढ़ें

गुरुगान

गुरू देता सत्य का ज्ञान जिससे संकट दूर हो जाता है सारा।सूर्य सा तेजस्वी स्वरुप ले गुरु ने सबका जीवन संवारा। अज्ञानता के घोर तम से गुरू की अलौकिक शक्ति ने उबारा।आशीर्वाद हो गुरु का तो हर मुश्किल से मिल जाता है किनारा। नव प्रकाश,नव चेतना भर सम्पूर्ण संसार को गुरु ने तारा।सदसंस्कार से कर…

आगे पढ़ें

देवरानी जेठानी

देवरानी जेठानी की यह जोड़ी है अनमोल,हर जंग को जीतने का हौंसला इनका है बेजोड़।नव वधुओं सा कर श्रृंगार हर्षित है इनका मन आज,बजने वाले हैं इनके घर में ढोल, नगाड़े साज। हर पल साथ निभाए और प्रसन्न रखे परिवार,हर मुश्किल को हंस कर जी ले बड़े खुशियां अपार।सज संवर कर निकल पड़ी ले उत्साह…

आगे पढ़ें

मेरा मन

कभी बच्चा बन शरारत को मचलता है मेरा मन,कभी जिम्मेदारियों के बोझ से बोझिल हो जाता है ये मन।प्रति पल परिवर्तित भाव को काव्य रूप देता है मेरा मन,सृजन क्षमता को विस्तार देने को आतुर रहता है मेरा मन। समाज में व्याप्त सुंदरता को महसूस करता है मेरा मन, सुरम्य प्रकृति में विचरण कर प्रसन्न…

आगे पढ़ें

देशप्रेम

रीना अपने परिवार की बहुत लाडली बेटी थी। घर में दिन भर चहकती रहती थी। बड़ी हो जाने के कारण उसके पिता ने सोचा कि अब मुझे अपनी बेटी की शादी कर देना चाहिए। उसने अपने परिवार में इस बात की चर्चा की। वह चाहते थे कि उनकी बिटिया की शादी उनके दोस्त के बेटे…

आगे पढ़ें

‘जोकर का दर्द’

दुनिया में सबसे मुश्किल काम है, अपने आप को आकार दे पाना।चित्रकार खुद को ही तराशने में, तल्लीन निहारता है बस आयना।अपने दर्द की लकीरों को यूं देख,मुश्किल है वैसा ही उकेर पाना। पर जोकर का जीवन तो है बस,लोगों के लिए खुशियां तलाशना।जानता है कि मुझे लोगों के चेहरे, पर हंसी लाने की करनी…

आगे पढ़ें

Loading…

Something went wrong. Please refresh the page and/or try again.


Follow My Blog

मेरी नयी रचनाओं को सीधे ईमेल में प्राप्त करने हेतु सब्सक्राइब करे

%d bloggers like this: