नारी शक्ति

नवरात्रि विशेषनारी शक्ति के विविध स्वरूप पा बन गई तू महान,तेरी शक्ति का क्यों और कैसे किया जाए यूं बखान।वात्सल्य, ममता त्याग का धर रूप लगती मनभावन,धन – लक्ष्मी स्वरूपा बन करती है घर का संचालन। अन्नपूर्णा की प्रतिमूर्ति बन बनती नीत नए पकवान,गृह लक्ष्मी का रूप धर बढ़ाती सबका का अभिमान।मां सरस्वती का आशीर्वादContinue reading “नारी शक्ति”

‘वीर सपूत’

स्वतन्त्रता दिवसकेअमृतमहोत्सवपरसभी कोहार्दिक बधाई एक स्वरचित कविता प्रेषित है :- दमनकारी नीतियों और अत्याचारों का फैला था ताण्डव जब चारों ओर,वीर कुँवर सिंह, मंगल पाण्डे और बिस्मिल जैसे देश भक्तों ने तभी दिखाया अपना जोश। रंगभेद और जातिवाद की आग लगा जब अंग्रेजों ने फैलाया अपना मायाजाल,अनाम उत्सर्ग देशभक्त सपूतों ने एकता और अखंडता काContinue reading “‘वीर सपूत’”

मित्रता

अजनबियों से कैसा ये अनजाना रिश्ता मैंने बनाया। हर मुश्किल में मेरा साथ निभा उन्होंने ही मेरा हौंसला बढ़ाया। खून के रिश्ते भी मुसीबत के समय कर लेते हैं किनारा।लेकिन अजनबियों से अजीज बने दोस्तों ने जीवन में साथ निभाया। ऐसे मधुर रिश्ते का आभार जताने का शुभ दिन आज आया।खुशनसीब हूं मैं असीम- निश्छलContinue reading “मित्रता”

गुरुगान

गुरू देता सत्य का ज्ञान जिससे संकट दूर हो जाता है सारा।सूर्य सा तेजस्वी स्वरुप ले गुरु ने सबका जीवन संवारा। अज्ञानता के घोर तम से गुरू की अलौकिक शक्ति ने उबारा।आशीर्वाद हो गुरु का तो हर मुश्किल से मिल जाता है किनारा। नव प्रकाश,नव चेतना भर सम्पूर्ण संसार को गुरु ने तारा।सदसंस्कार से करContinue reading “गुरुगान”

देवरानी जेठानी

देवरानी जेठानी की यह जोड़ी है अनमोल,हर जंग को जीतने का हौंसला इनका है बेजोड़।नव वधुओं सा कर श्रृंगार हर्षित है इनका मन आज,बजने वाले हैं इनके घर में ढोल, नगाड़े साज। हर पल साथ निभाए और प्रसन्न रखे परिवार,हर मुश्किल को हंस कर जी ले बड़े खुशियां अपार।सज संवर कर निकल पड़ी ले उत्साहContinue reading “देवरानी जेठानी”

मेरा मन

कभी बच्चा बन शरारत को मचलता है मेरा मन,कभी जिम्मेदारियों के बोझ से बोझिल हो जाता है ये मन।प्रति पल परिवर्तित भाव को काव्य रूप देता है मेरा मन,सृजन क्षमता को विस्तार देने को आतुर रहता है मेरा मन। समाज में व्याप्त सुंदरता को महसूस करता है मेरा मन, सुरम्य प्रकृति में विचरण कर प्रसन्नContinue reading “मेरा मन”

देशप्रेम

रीना अपने परिवार की बहुत लाडली बेटी थी। घर में दिन भर चहकती रहती थी। बड़ी हो जाने के कारण उसके पिता ने सोचा कि अब मुझे अपनी बेटी की शादी कर देना चाहिए। उसने अपने परिवार में इस बात की चर्चा की। वह चाहते थे कि उनकी बिटिया की शादी उनके दोस्त के बेटेContinue reading “देशप्रेम”

‘जोकर का दर्द’

दुनिया में सबसे मुश्किल काम है, अपने आप को आकार दे पाना।चित्रकार खुद को ही तराशने में, तल्लीन निहारता है बस आयना।अपने दर्द की लकीरों को यूं देख,मुश्किल है वैसा ही उकेर पाना। पर जोकर का जीवन तो है बस,लोगों के लिए खुशियां तलाशना।जानता है कि मुझे लोगों के चेहरे, पर हंसी लाने की करनीContinue reading “‘जोकर का दर्द’”

बचपन की याद ‘

नीम बरगद हो या पीपल,देते शीतल ठंडी छाव सदा।गांव का शांत वातावरण ही,हमको लगता हरदम प्यारा।चिंता फिकर नहीं है हमको,मिल जुल बरसाते प्यार सदा।बचपन की ये प्यारी दोस्ती,बनी रहे आबाद है भाव यही।सुबह सवेरे ठंडी छाया में आ,मिलता गजब का सकुन हमें,अल्हड़ बचपन की ये तस्वीर,लौटा लाती बचपन की ओर हमें।खेल कूद का प्यारा बचपनContinue reading “बचपन की याद ‘”

‘विश्व योग दिवस ‘

योग से होता चित्त की वृतियों का शमन इसलिए करना है हमें योग,मन से शरीर का मिलन भाव प्रदान कर मजबूती देता है हमें योग।आत्मा को परमात्मा से जोड़ एकाकार का भाव जगाने का नाम है योग,सर्वोत्तम समय है ब्रह्ममुहूर्त तभी करो सब मिल व्यायाम और योग।शान्त, सौम्य वातावरण और मन में हो उल्लास तभीContinue reading “‘विश्व योग दिवस ‘”