नौ स्वरूप की महिमा

प्रथम स्वरूप में माता तूने सती स्वरूप का त्याग किया,पर्वत सुता होने के कारण शैल पुत्री का नाम मिला।बैठी वृषभ राज पर माता भक्तों का उद्धार किया,माँ महिमा गाकर सबने गरबा नृत्य और भजन किया। द्वितीय स्वरूप में माता तूने तप,आचारण और ध्यान किया ,दक्ष प्रजापति के घर जन्मी माँ ब्रह्मचारिणी नाम मिला।सदाचार-संयम का माँContinue reading “नौ स्वरूप की महिमा”

नवरात्रि पर्व

शक्ति उपासना के पावन पर्व पर, शक्ति और बुद्धि बढ़े।सच्चे मन की आराधना से, धन,वैभव संग लक्ष्मी बढ़े।आरोग्य जीवन जीने के आशीर्वाद से स्वास्थ्य लाभ बढ़े।मां दुर्गा के वरद हस्त से हमारी अनन्त खुशियां बढ़े। सद् विचारों को धारण कर सुसंस्कारों संग आगे बढ़े।दीन दुखियों के सहायक बन उनके लिए सुन्दर जीवन गढ़े।मां का आशीर्वादContinue reading “नवरात्रि पर्व”

बेटी 👩‍⚖️

अमित बुध्दि से भरपूर जीवन है बिटिया रानी तुम्हारा, हैलक्ष्य रहित ना रहना यही है सदा अपने मन में तूने विचारा।मंजिलों को पाने के लिए अपने सपनों को है संजोया,हौंसले की उड़ान मन में भर तूने पंखों को है फैलाया। उस सीमा तक पहुंचने का अब तुमने अपना मन है बनाया,जहां से आगे चल राहContinue reading “बेटी 👩‍⚖️”

विनम्र श्रद्धांजलि

दिल की कलियां खिला लोगों को हंसाने का हुनर था तुम्हारे पास,अब कैसे आएगी लोगों के चेहरे पर मुस्कान कैसे होगी पूरी आस। भगवान तूने भी तो सुननी थी हम सब के दिलों की अरदास,शायद तुझे भी थी कोई हास्य महफिल की दिल से गहरी आस। इसी कारण भाई राजू को तूने बुला लिया इतनीContinue reading “विनम्र श्रद्धांजलि”

‘हिन्दी दिवस’

हिन्दी बन जन मानस की अति प्रिय भाषा।तार दिलों के जोड़ने की जगाती है सबमें आशा।सभ्यता- संस्कृति की जो बताती है सबको परिभाषा।निराली लिपि भी इसकी बनाती इसकी सरल भाषा। जैसे बोले वैसे ही लिखती जाए यह भाषा।प्राचीन भाषा पाली का ही विकसित रूप ये भाषा।महाकवि केशव,भूषण, बिहारी के मन की भाषा।पंत, निराला, प्रसाद केContinue reading “‘हिन्दी दिवस’”

शिक्षक

ज्ञान के साथ मान बढ़ाए शिक्षक का श्रमदान है।हम सब करते आए ऐसे शिक्षक का सम्मान है।उनके हौंसले हिमालय से गहराई सागर समान है।एकलव्य को शिक्षक की मूर्ति ने ही बनाया महान है।बालकों के जीवन में संस्कारों का लाता तू तूफान है।तेरी जिव्हा पर विराजित मां सरस्वती महान है।बगैर तेरे शिष्यों का जीवन भी होContinue reading “शिक्षक”

“पर्व रक्षा बंधन का”

प्रेम,स्नेह,सम्मान,सुरक्षा का पर्व है रक्षा बंधन का त्योहार।सनातन धर्म में सद्भावना पूर्वक मनाया जाता है यह त्योहार।शास्त्र, पुराण, वेद करते हैं गुणगान जिससे और भी खास बन जाता है यह त्योहार।बहनों द्वारा भाई की सुनी कलाई पर रक्षा का सूत्र बांधने की याद दिलाता है यह त्योहार।मुगल सम्राट हुमायूं को रानी कर्णावती ने राखी बांधContinue reading ““पर्व रक्षा बंधन का””

‘ मित्रता ‘

अजनबियों से कैसा ये अनजाना रिश्ता मैंने बनाया। हर मुश्किल में मेरा साथ निभा उन्होंने ही मेरा हौंसला बढ़ाया।खून के रिश्ते भी मुसीबत के समय कर लेते हैं किनारा। अजनबियों से अजीज बने दोस्तों ने जीवन में साथ निभाया। ऐसे मधुर रिश्ते का आभार जताने का शुभ दिन आज आया।खुशनसीब हूं मैं असीम- निश्छल प्यारContinue reading “‘ मित्रता ‘”

“मेरे सपनों का भारत”

मीनू सुबह से ही चहक रही थी। उसकी गर्मी की छुट्टियां लग चुकी थी। वह बैठ कर दादी से बतिया रही थी। सुनो दादी हम भारत भ्रमण पर जा रहे हैं, तुम भी चलोगी। नहीं बिटिया आज के भारत को देखकर मुझे ज्यादा खुशी नहीं होती, इस कारण मैंने मना कर दिया है दादी नेContinue reading ““मेरे सपनों का भारत””

पुस्तक समीक्षा -काव्य गंगा श्री प्रभु त्रिवेदी ( वरिष्ठ साहित्यकार )

साहित्य समाज का दर्पण है , कभी कहा जाता था। आज साहित्य समाज की धड़कन है। गद्य और पद्य साहित्य की दोनों विधाओं का अपना – अपना महत्त्व सर्वविदित है। लेकिन पद्य का अपना आनुभूतिक अनुवाद , लयात्मक लालित्य और दीर्घकालिक दाक्षिण्य हर किसी को आकर्षित करता है। यह आकर्षण ही रचना को कंठस्थ औरContinue reading “पुस्तक समीक्षा -काव्य गंगा श्री प्रभु त्रिवेदी ( वरिष्ठ साहित्यकार )”